पत्नि बनाती थी मोबाइल पर रील, पति पीता था शराब
लोक अदालत ने कराया विवाद खत्म, अब साथ रहेंगे
गुना।अनंत न्यूज़
गुना में शनिवार को आयोजित साल की दूसरी नेशनल लोक अदालत रिश्तों के लिए वरदान साबित हुई। यहां न्यायाधीश श्रुति चौहान की अदालत में एक ऐसा मामला आया, जहां मोबाइल रील और आपसी गलतफहमी के कारण बिखर रहा एक परिवार फिर से एक हो गया। साढ़े तीन महीने से अलग रह रहे पति-पत्नी ने आपसी समझौते के बाद एक-दूसरे को माला पहनाई और साथ रहने का संकल्प लिया।
कुशमौदा निवासी राजकुमार अहिरवार और उनकी पत्नी विमलेश का विवाह 13 साल पहले हुआ था। उनके दो बच्चे भी हैं। विवाद की शुरूआत तब हुई जब विमलेश द्वारा मोबाइल पर रील बनाने को लेकर राजकुमार ने आपत्ति जताई। वहीं, पत्नी विमलेश पति की शराब पीने की आदत से परेशान थी। विवाद इतना बढ़ा कि विमलेश ने वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा का प्रकरण दर्ज करा दिया और करीब तीन महीने से अपने मायके में रह रही थी। विवाद के दौरान जब राजकुमार अकेले रहे, तब उन्हें अपनी पत्नी और परिवार की अहमियत का अहसास हुआ। मामले में एडवोकेट नूर अख्तर ने मध्यस्थता करते हुए दोनों पक्षों के बीच सुलह की राह तैयार की। अदालत ने पहले दोनों को दो महीने साथ रहकर देखने की समझाइश दी थी। शनिवार को लोक अदालत में दोनों ने न्यायाधीश के समक्ष स्वीकार किया कि वे अब साथ रह सकते हैं और उनके बीच की गलतफहमी दूर हो गई है। राजकुमार अहिरवार ने अदालत में भरोसा दिलाया कि वह अब शराब का सेवन छोड़ देंगे और पत्नी को पूरा सम्मान देंगे। वहीं विमलेश ने भी गिले-शिकवे भुलाकर घर लौटने पर सहमति जताई है। समझौते के बाद राजकुमार बेहद खुश नजर आए और खुशी-खुशी अपनी पत्नी व बच्चों को लेकर घर रवाना हुए।