राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं कोर्ट टाइमिंग, वसूली और अवैध उत्खनन पर कलेक्टर सख्त

राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं  कोर्ट टाइमिंग, वसूली और अवैध उत्खनन पर कलेक्टर सख्त

अनंत न्यूज़ @ गुना। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण, ई-आॅफिस प्रणाली और फील्ड रिपोर्टिंग को लेकर कड़ा रुख अपनाया। बैठक में अपर कलेक्टर अखिलेश जैन सहित जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदार उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कोर्ट हियरिंग और कार्यालय अनुशासन को लेकर निर्देश देते हुए कहा कि सभी राजस्व अधिकारी निर्धारित समय पर कोर्ट में उपस्थित रहें। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदारों की कोर्ट टाइमिंग फिक्स न होने पर नाराजगी जताते हुए इसे तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कानून व्यवस्था (लॉ एंड आॅर्डर) की स्थिति न हो, तो अधिकारियों की कार्यालय में उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी राजस्व अधिकारी की इसमें संलिप्तता पाई गई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आरआरसी प्रकरणों की शीघ्र वसूली के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सतत मॉनिटरिंग करने और सरकारी राजस्व हानि रोकने पर जोर दिया। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के प्रकरणों में कुर्की के माध्यम से वसूली के निर्देश भी दिए गए।

नरवाई प्रबंधन और कृषि यंत्रों का उपयोग
फसल अवशेष जलाने (नरवाई) की घटनाओं को रोकने के लिए कलेक्टर ने पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने, ग्राम चौपाल आयोजित करने और फ्लेक्स लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में पराली प्रबंधन के लिए 292 से अधिक कृषि यंत्र (सुपर सीडर, मल्चर आदि) उपलब्ध हैं। साथ ही, नरवाई जलाने पर लगाए गए जुमार्ने की राशि तत्काल वसूलने के निर्देश दिए।

मोबाइल कोर्ट और सीएम हेल्पलाइन पर फोकस
भूमि संबंधी विवादों के त्वरित निराकरण के लिए 'मोबाइल कोर्ट' को सक्रिय करने और उसकी साप्ताहिक मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में 50 दिवस से अधिक लंबित प्रकरणों को संतुष्टिपूर्ण निराकरण के साथ शून्य किया जाए। शिकायतों को अनअटेंड छोड़ने पर संबंधित अधिकारी का एक दिन का वेतन काटने और समयसीमा में कार्य न होने पर प्रतिदिन 250 रुपये की पेनाल्टी लगाने के निर्देश भी दिए गए।