नवागत पुलिस कप्तान गुना हितिका वासल का कड़ा संदेश
अपराधियों की कुंडली खंगालने इंटेलिजेंस को दी 'डेडलाइन'
अनंत न्यूज़ @गुना। गुना की कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस कप्तान हितिका वासल अब 'एक्शन मोड' में हैं। गुरुवार को पुलिस कंट्रोल रूम के सभागार में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल बैठक में एसपी ने जिले के खुफिया तंत्र (इंटेलिजेंस) और थाना प्रभारियों की जमकर क्लास ली। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि अपराध होने के बाद लकीर पीटने के बजाय, सूचना तंत्र ऐसा हो कि वारदात से पहले ही अपराधी सलाखों के पीछे हों।
बैठक के दौरान एसपी वासल ने सूचना संकलन की ढीली कार्यप्रणाली पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की सफलता का आधार 'बीट प्रणाली' और 'मुखबिर तंत्र' है, लेकिन यदि छोटी घटनाओं की जानकारी समय पर मुख्यालय नहीं पहुँच रही, तो यह सीधे तौर पर लापरवाही है। उन्होंने निर्देश दिए कि हर बीट कर्मचारी को अपने क्षेत्र के असामाजिक तत्वों और आदतन अपराधियों की पल-पल की खबर रखनी होगी। आगामी त्योहारों और विशेष अवसरों को देखते हुए एसपी ने सुरक्षा चक्र को अभेद्य बनाने की रणनीति तैयार की है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा संवेदनशील क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए। जेल से छूटे और आदतन अपराधियों की गतिविधियों का 'डेली चार्ट' तैयार हो। छोटी से छोटी घटना को नजरअंदाज न करें, क्योंकि यही भविष्य में बड़े अपराध की नींव बनती हैं।
आधुनिक तकनीक बनाम पुरानी सुस्ती
बैठक में पारंपरिक मुखबिर तंत्र के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग पर भी विशेष जोर दिया गया। एसपी ने साफ कर दिया कि जो कर्मचारी सूचना के आदान-प्रदान में सुस्ती दिखाएंगे, उन पर विभागीय गाज गिरना तय है। उन्होंने थाना प्रभारियों को जनता के बीच जाकर संवाद बढ़ाने और पुलिस का खौफ अपराधियों में, जबकि विश्वास आमजन में पैदा करने का टास्क दिया है।
निष्ठा में कमी तो कार्रवाई के लिए रहें तैयार
अंत में हितिका वासल ने कड़े शब्दों में अनुशासन का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम केवल आॅफिस में बैठना नहीं, बल्कि फील्ड में रहकर 'क्राइम प्रिवेंशन' करना है। सतर्कता और जिम्मेदारी में जरा भी चूक हुई, तो जिम्मेदार अधिकारी को जवाब देना भारी पड़ेगा।