जनसुनवाई के बाद कलेक्ट्रेट में लूट का शिकार हुए युवक का हंगामा
कलेक्टर को रोककर बोला, मेरी भी सुन लो...
अनंत न्यूज़ @गुना। जिला कलेक्ट्रेट में मंगलवार को हुई साप्ताहिक जनसुनवाई उस समय अफरातफरी में बदल गई जब एक पीड़ित युवक ने अचानक हंगामा कर दिया। बांसखेड़ी निवासी युवक अपनी शिकायत लेकर सीधे कलेक्टर के चैंबर की ओर दौड़ पड़ा और जोर-जोर से चिल्लाकर अपनी आपबीती सुनाने लगा। घटना उस समय हुई जब जनसुनवाई समाप्त कर मीडिया चर्चा करने के बाद कलेक्टर अपने चैंबर की ओर बढ़ रहे थे। तभी एक युवक अचानक जोर से चिल्लाते हुए कहने लगा- कलेक्टर साहब मेरी भी सुनो।
युवक के आक्रोश को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों ने उसे संभाला और अधिकारियों के निर्देश पर उसे चैंबर के भीतर ले जाया गया। पीड़ित युवक ने मीडिया को अपना नाम सूरज प्रजापति निवासी बांसखेड़ी घोसीपुरा बताया। सूरज के अनुसार, वह कंट्रोल से राशन लेकर अपने घर लौट रहा था, तभी घोसीपुरा घाटी पर कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। युवक ने आरोप लगाया कि हमलावर एक विशेष समुदाय के थे और मारपीट करने वालों में कुछ महिलाएं भी शामिल थीं। पीड़ित का कहना था कि घटना के तुरंत बाद उसने कैंट थाना प्रभारी को फोन लगाया था, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। पुलिस से मदद न मिलने पर वह न्याय की गुहार लगाने सीधे कलेक्ट्रेट पहुंच गया। अधिकारियों ने जब मारपीट की घटना को लेकर युवक को बताया कि उसे पुलिस थाने में जाना चाहिए, इसपर युवक और आक्रोशित होकर कहने लगा कि जनसुनवाई क्यों करते हो? हंगामे की सूचना मिलते ही तहसीलदार गौरीशंकर बैरवा मौके पर पहुंचे और युवक को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद कलेक्टर ने युवक को अपने चैंबर में बुलाया और उसकी पूरी शिकायत सुनने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए युवक को तत्काल कैंट थाने भिजवाया गया। प्रशासन ने पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल क्षेत्र में शांति है, लेकिन युवक के इस तरह कलेक्ट्रेट में हंगामा करने से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। खास बात यह है कि बीते कुछ सप्ताह से जनसुनवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो रही थी। इस बार भी कलेक्टर जनसुनवाई कक्ष से बाहर आ चुके थे, लेकिन युवक ने हंगामा कर दिया। इससे पहले भी जनसुनवाई में अलग-अलग वजहों से लोग जहर खाने की कोशिश करने और अधिकारियों को देखकर हंगामा करने की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
फर्जीवाड़ा: मंदिर की जमीन पर पुजारी ले रहा किसान सम्मान निधि की राशि
शासकीय और मंदिर की जमीनों पर फर्जी तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का एक गंभीर मामला सामने आया है। ब्लॉक आरोन के ग्राम देहरीखुर्द निवासी सुनील गिरी और उनके भाई ने मंगलवार को जनसुनवाई में एक आवेदन देकर मंदिर के पुजारी पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि नियम विरुद्ध तरीके से निकालने के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता, जो पूर्व पुजारी के परिजन बताए जा रहे हैं, उन्होंने प्रशासन से इस मामले में कड़ी वैधानिक कार्रवाई और योजना का लाभ तत्काल बंद करने की मांग की है। पूरा मामला मंदिर की सर्वे क्रमांक 133 की भूमि से जुड़ा है, जो सरकारी दस्तावेजों में शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है और प्रबंधक स्वयं जिला कलेक्टर हैं। सुनील गिरी का आरोप है कि वर्तमान पुजारी बालगिर गोस्वामी द्वारा इस भूमि के आधार पर फर्जी तरीके से पीएम किसान सम्मान निधि की राशि प्राप्त की जा रही है। नियमानुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ केवल उन किसानों को मिलता है जिनकी स्वयं की निजी भूमि होती है, जबकि यह जमीन मंदिर और प्रबंधक कलेक्टर के नाम पर दर्ज है। शिकायत में यह विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि बालगिर गोस्वामी इस जमीन के मालिक नहीं हैं, फिर भी दस्तावेजों में हेरफेर या अन्य माध्यमों से उनके नाम पर सम्मान निधि की राशि जारी हो रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि शासकीय जमीन पर इस तरह योजना का लाभ लेना पूरी तरह गैर-कानूनी है। जनसुनवाई में आवेदन प्राप्त होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी पोर्टल पर शासकीय भूमि के बदले निजी व्यक्ति का नाम कैसे दर्ज हुआ और यह फर्जीवाड़ा कब से चल रहा है।