400 परिवार अंधेरे में जीने को मजबूर, जहरीले जंतुओं का डर
कलेक्टर की शरण में पहुंचे सिंगवासा चक के ग्रामीण
अनंत न्यूज़ @गुना। शहर के नजदीक स्थित सिंगवासा चक बस्ती के ग्रामीण आज भी आजादी के इस दौर में अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। बिजली विभाग की निरंतर अनदेखी से परेशान होकर मंगलवार को ग्रामीण, नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष शेखर वशिष्ठ के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी पीड़ा सुनाई।
ग्रामीणों ने बताया कि सिंगवासा चक में बीपीएल कोटे के तहत दो डीपी रखी गई हैं। नियमानुसार इन डीपी से ग्रामीणों को घरेलू कनेक्शन मिलने चाहिए, लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण अब तक कनेक्शन नहीं दिए गए हैं। आलम यह है कि करीब 400 परिवारों वाली इस बस्ती में लोग अंधेरे में रात गुजार रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है। बस्ती में बिजली न होने के कारण सुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने दावा किया कि पूर्व में अंधेरे की वजह से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जहरीले जंतु घरों में घुस जाते हैं, जिससे लोग शिकार बन रहे हैं। कुछ ग्रामीणों की तो जहरीले जंतुओं के काटने से मौत तक हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि वे हर वक्त दहशत में रहते हैं कि कहीं उनके बच्चों के साथ कोई अनहोनी न हो जाए। नेता प्रतिपक्ष शेखर वशिष्ठ ने आरोप लगाया कि ग्रामीण अपनी इस समस्या को लेकर कलेक्टर से लेकर सांसद तक को कई बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीब परिवारों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। वर्तमान में ग्रामीण खेती के लिए मिलने वाली अनियमित बिजली से कभी-कभार बल्ब जला लेते हैं, लेकिन उसकी सप्लाई का कोई निश्चित समय नहीं है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि बीपीएल डीपी से तत्काल घरेलू कनेक्शन दिए जाएं ताकि उन्हें जहरीले जंतुओं के खतरे से मुक्ति मिले और बच्चों की शिक्षा सुचारू हो सके। प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं।