सरस्वती विद्या मंदिर में गूंजा प्रतिभा का उत्सव

वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, ‘विद्यालय रत्न’ बनीं पूर्ति धाकड़

सरस्वती विद्या मंदिर में गूंजा प्रतिभा का उत्सव

अनंत न्यूज़ @गुना | महावीरपुरा स्थित सरस्वती शिशु/विद्या मंदिर उ.मा. विद्यालय में शनिवार को वार्षिक परीक्षा परिणाम एवं प्रतिभा सम्मान समारोह उत्साह और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके साथ ही पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

विद्यालय के प्राचार्य  संजय पाराशर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस दौरान कक्षा अरुण से लेकर 9वीं एवं 11वीं तक के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। परिणाम सुनते ही छात्रों और अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

 360 डिग्री मूल्यांकन से निखर रही प्रतिभाएं

विद्यालय में लागू 360 डिग्री मूल्यांकन पद्धति के तहत विद्यार्थियों को केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि अनुशासन, खेल, संस्कृति एवं बौद्धिक गतिविधियों में भी परखा जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष छात्रों को सर्वाधिक उपस्थिति,श्रेष्ठ अनुशासन,बौद्धिक एवं खेल प्रतियोगिता,संस्कृति ज्ञान,कक्षा रत्न एवं विद्यालय रत्न जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

 सबसे बड़ा सम्मान ‘विद्यालय रत्न’ कक्षा 12वीं की छात्रा पूर्ति धाकड़ को मिला, जिन्होंने सर्वांगीण उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।

250 से अधिक अभिभावकों की रही भागीदारी

कार्यक्रम में लगभग 250 अभिभावकों की उपस्थिति ने इसे और भी विशेष बना दिया। अभिभावकों ने बच्चों की उपलब्धियों पर गर्व जताते हुए विद्यालय के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  शिरोमणि दुबे (प्रादेशिक सचिव, विद्याभारती मध्यभारत प्रांत) ने कहा कि “विद्यार्थियों की सफलता उनकी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। हमारा उद्देश्य केवल अंक दिलाना नहीं, बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है।”

कार्यक्रम में महेंद्र रघुवंशी (प्रांतीय सहसचिव) ,अजय निगडीकर (सेवानिवृत्त प्राचार्य) ,चन्द्रशेखर कुशवाह (सचिव, भारत कल्याण केन्द्र समिति) ,राशि भार्गव (अभिभावक सदस्य) सहित विद्यालय का समस्त आचार्य परिवार उपस्थित रहा। इस दौरान  अजय निगडीकर ने समिति की सदस्यता ग्रहण की, जिनका सम्मान भी किया गया।

कार्यक्रम का संचालन आचार्य  दीपक दामले ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन श्रीमती रेखा कुशवाह ने व्यक्त किया। अंत में शांति मंत्र के साथ समारोह का समापन हुआ।