दुधमुंही बच्ची और बिलखती सास ने मांगा न्याय
बिजली बिल के क्लेश में महिला की आत्महत्या का मामला
अनंत न्यूज़ @गुना। मध्यप्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन ने नानाखेड़ी क्षेत्र में बिजली बिल के मानसिक दबाव के कारण हुई महिला की आत्महत्या के मामले में उग्र प्रदर्शन किया। बुधवार को एसोसिएशन के पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहाँ उनके साथ मृतक कीर्ति कुशवाह की छोटी बच्ची और उनकी बिलखती हुई सास भी मौजूद थीं। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर का माहौल उस वक्त गमगीन हो गया जब पीड़ित परिवार ने रोते हुए बिजली कंपनी की असंवेदनशीलता की दास्तां सुनाई।
मृतक कीर्ति की सास ने कलेक्ट्रेट में डिप्टी कलेक्टर के सामने रोते हुए आरोप लगाया कि परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, इसके बावजूद वे हर महीने अपनी क्षमता अनुसार बिजली बिल की कुछ राशि जमा कर रहे थे। उन्होंने कहा, हमारी बहू की मौत की जिम्मेदार पूरी तरह बिजली कंपनी की असंवेदनशीलता और बिल का क्लेश है। कंपनी राहत देने को तैयार नहीं थी और लगातार दबाव बनाया जा रहा था। बता दें कि 28 मार्च को नानाखेड़ी निवासी कीर्ति कुशवाह ने 1 लाख 26 हजार का बिजली बिल बकाया होने और उसे जमा न कर पाने के तनाव में आत्मघाती कदम उठा लिया था। उपभोक्ता एसोसिएशन ने इस घटना को 'अमानवीय' करार देते हुए शासन-प्रशासन पर तीखे प्रहार किए। एसोसिएशन का आरोप है कि इतनी बड़ी हृदय विदारक घटना होने के बावजूद प्रशासन का कोई भी प्रतिनिधि पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने नहीं पहुंचा। घर में मौत होने के बाद भी बिजली कंपनी ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई और अब तक घर का कटा हुआ बिजली कनेक्शन नहीं जोड़ा गया। आम आदमी आर्थिक गर्त में फंसता जा रहा है; लोगों के पास बच्चों की पढ़ाई और इलाज के लिए पैसे नहीं हैं, ऐसे में अनाप-शनाप बिजली बिल कैसे जमा होंगे? प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन ने प्रदेश में लगाए जा रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटरों का भी पुरजोर विरोध किया। उन्होंने मांग की है कि पीड़ित परिवार का पूरा बिजली बिल तत्काल माफ किया जाए। मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में पूरे प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।