गुना में बुजुर्ग दंपति से डकैती का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

तकनीकी विश्लेषण और पुलिस की मुस्तैदी से सफलता, देशी कट्टा व लूट का सामान बरामद

गुना में बुजुर्ग दंपति से डकैती का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
घटना का खुलासा करती पुलिस कप्तान हितिका वासल

गुना | अनंत न्यूज़ 

मध्य प्रदेश के गुना जिले में मृगवास थाना क्षेत्र के ग्राम बाकन्या में बुजुर्ग दंपति से हुई सनसनीखेज डकैती की वारदात का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

पुलिस कप्तान हितिका वासल के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मान सिंह ठाकुर और एसडीओपी मनोज कुमार झा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और लगातार प्रयासों के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई।

कैसे हुई वारदात?

13 अप्रैल 2026 को मृगवास थाना पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम बाकन्या में एक बुजुर्ग दंपति के घर डकैती हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।

पीड़ित वेंकटदास बैरागी (65 वर्ष) ने बताया कि 12 अप्रैल की रात करीब 2 बजे 4-5 अज्ञात बदमाश छत के रास्ते घर में घुसे। आरोपियों ने दंपति को बंधक बनाकर मारपीट की और हथियार के बल पर करीब 1 लाख रुपये नकद तथा सोने-चांदी के जेवर लूट लिए।

जांच में क्या सामने आया?

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की।करीब 100 लोगों से पूछताछ की गई और 10 हजार से अधिक मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया

इसी दौरान एक संदिग्ध नंबर के आधार पर पुलिस ने रामधन कंजर (26 वर्ष) को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपने साथी मनोहर कंजर के साथ वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने रामधन कंजर और मनोहर उर्फ मनोरिया कंजर को गिरफ्तार किया है एवं अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

क्या-क्या हुआ बरामद?

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने ₹15,000 नकद, सोने की नाक की बाली, चांदी की पायल व बिछुड़ी, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, ताला तोड़ने के औजार,  315 बोर का देशी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

पुलिस की कार्रवाई से बढ़ा भरोसा

गुना पुलिस की इस त्वरित और तकनीकी कार्रवाई से न केवल गंभीर अपराध का खुलासा हुआ, बल्कि लूटा गया माल भी बरामद किया गया। इससे क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है और अपराधियों में कानून का डर बढ़ा है।

डकैती की इस सनसनीखेज घटना का शीघ्रता से खुलाशा करने में डीएसपी आनंद  राय के नेतृत्व में मृगवास थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश सिंह कुशवाह, चांचौड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज राणा, सानई चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज लोधी, सउनि राजेश भिलाला, आरक्षक सोहन अनारे, आरक्षक नीरज धाकड़, आरक्षक राहुल बघेल, आरक्षक रवि यादव, आरक्षक धीरेन्द्र बघेल, आरक्षक राकेश बाथम,आरक्षक जीतेन्द्र यादव, आरक्षक विकास राठौर उपनिरीक्षक गोपाल चौबे, सउनि महेन्द्र सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक बासुदेव शर्मा, आरक्षक धीरेन्द्र गुर्जर, आरक्षक शरद यादव ,साइबर सेल से आरक्षक कुलदीप भदौरिया, आरक्षक कुलदीप यादव, आरक्षक भूपेन्द्र खटीक, आरक्षक अभय रघुवंशी ,विशेष टीम से आरक्षक नीलेश रघुवंशी, आरक्षक राजीव रघुवंशी, आरक्षक नवदीप अग्रवाल, आरक्षक आदित्य सिंह कौरब की महत्‍वपूर्ण भूमिका रही है ।