भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी करोड़ों की इमारत

पहली ही बारिश में टपकने लगी गुना जिला अस्पताल के क्रिटिकल केयर यूनिट की छत, डस्टबिन की बदबू से मरीज बेहाल

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी करोड़ों की इमारत
क्रिटिकल केयर यूनिट की छत लीकेज हो रही है।

गुना। अनंत न्यूज़

स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावों और सरकारी बजट की जमीनी हकीकत गुना जिला अस्पताल में खुलकर सामने आ गई है। करोड़ों रुपए की भारी-भरकम लागत से हाल ही में बनकर तैयार हुए जिला अस्पताल के नवनिर्मित क्रिटिकल केयर यूनिट की छत पहली ही हल्की बारिश में टपकना शुरू हो गई है। इसके चलते अति-संवेदनशील माने जाने वाले इस विभाग में भर्ती मरीजों, उनके अटेंडरों और ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

क्रिटिकल केयर यूनिट की दूसरी मंजिल पर स्थित ट्रॉमा वार्ड में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहां छत से लगातार पानी टपक रहा है। टपकते पानी को रोकने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने वार्ड के भीतर ही जगह-जगह कचरे वाले डस्टबिन रख दिए हैं। हद तो तब हो गई जब इन डस्टबिनों में पहले से भरा कचरा समय पर खाली नहीं किया गया, जिससे अब पूरे वार्ड में असहनीय बदबू फैल रही है। गंभीर हालत में भर्ती मरीज और उनके परिजन इस सीलन और बदबू के बीच रहने को मजबूर हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर और बुरा असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। बता दें कि कि कुछ ही महीनों पहले बड़े शोर-शराबे और तामझाम के साथ इस क्रिटिकल केयर यूनिट को शुरू किया गया था ताकि गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। लेकिन शुरूआती दौर में ही इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील विभाग की यह दुर्दशा व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े करती है। इससे पहले भी इस विभाग में स्ट्रेचर के अभाव के चलते मरीजों की दुर्दशा की तस्वीरें सामने आ चुकी हैं। इतनी महत्वपूर्ण और संवेदनशील इमारत की छत का पहली ही बारिश में जवाब दे जाना सीधे तौर पर निर्माण कार्य में हुए बड़े भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की ओर इशारा करता है। स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि सरकार द्वारा जनता की सुविधा के लिए खर्च किए गए करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा दिए गए और जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। आमजन ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।