होली के तुरंत बाद भाजपा नेताओं ने दिया जनता को झटका
ऊर्जा मंत्री बोले, स्मार्ट मीटर की कीमत तो उपभोक्ता ही चुकाएंगे, विधायक ने दिए महंगाई बढ़ने के संकेत
अनंत न्यूज़ @ गुना। होली के तुरंत बाद सरकार और सत्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले भाजपा नेताओं ने जनता को बड़ा झटका दिया है। शनिवार को गुना दौरे पर आए ऊर्जा मंत्री प्रदुम्न सिंह तोमर ने दो टूक कह दिया है कि स्मार्ट मीटर की कीमत तो आम उपभोक्ता को ही अदा करनी होगी। उन्होंने सरकार का बचाव करते हुए यह अवश्य कहा है कि ऐसा पहले भी हुआ है, इसमें कुछ नया नहीं है। वहीं अपनी बेबाक बयानों से चर्चित गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने ईरान-इजराइल के दौरान डीजल की किल्लत पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि सबल बनने के लिए कुछ कीमत तो चुकानी ही होगी। उनका इशारा संभवत: पेट्रोलियम पदार्थों की वजह से रोजमर्रा की वस्तुओं के दामों पर पड़ने वाले असर को लेकर था।
तोमर ने किया बिजली कंपनी का बचाव
मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री और जिले के पूर्व प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर शनिवार को गुना प्रवास पर रहे। यहां उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार के बजट की विशेषताओं को जनता के समक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने बिजली दरों में संभावित वृद्धि, स्मार्ट मीटर और बिजली कटौती जैसे महत्वपूर्ण सवालों के बेबाकी से जवाब दिए। आगामी 1 अप्रैल से बिजली की दरों में संभावित बढ़ोतरी के सवाल पर ऊर्जा मंत्री ने विद्युत कंपनी का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि बिजली के दाम खर्चों के आधार पर तय किए जाते हैं और अंतिम निर्णय नियामक आयोग द्वारा लिया जाता है, लेकिन सरकार उपभोक्ताओं के हितों का पूरा ध्यान रख रही है। स्मार्ट मीटर को लेकर उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका शुल्क आम उपभोक्ता को ही अपनी जेब से देना होगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि बिजली कंपनी ने इस राशि को किश्तों में चुकाने की सुविधा दी है। तोमर ने दावा किया कि जब से मीटर व्यवस्था शुरू हुई है, इसका खर्च हमेशा उपभोक्ता ही उठाता आया है, इसमें कुछ भी नया नहीं है। प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती की खबरों को खारिज करते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अब नियमित कटौती का दौर बंद हो चुका है। अगर कहीं बिजली गुल होती है, तो उसके पीछे कोई न कोई ठोस तकनीकी कारण होता है। बजट पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग 26 हजार करोड़ रुपये की विद्युत सब्सिडी दे रही है। विशेषकर किसानों को 90 प्रतिशत से ज्यादा सब्सिडी दी जा रही है ताकि उन पर आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मध्य प्रदेश को बिजली क्षेत्र में 'सरप्लस' बनाए रखने के लिए सरकार धरातल पर निरंतर कार्य कर रही है। बजट के अन्य प्रावधानों का जिक्र करते हुए प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि चिकित्सा के क्षेत्र में सरकार विस्तार कर रही है और प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। परिवहन के क्षेत्र में क्रांति लाते हुए इस वर्ष 972 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जाएंगी। अधोसंरचना विकास पर जोर देते हुए उन्होंने जानकारी दी कि नगरीय क्षेत्रों में आवास के लिए 2,316 करोड़ और सड़कों की मरम्मत के लिए 349 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान बजट में रखा गया है, जिससे प्रदेश की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी।
भारत को सबल बनना है तो सहनी होगी डीजल की कमी: विधायक
पन्नालाल शाक्य पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के संकट और ईरान-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव को लेकर गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने बयान दिया है। उन्होंने वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि यदि भारत को एक शक्तिशाली और सबल राष्ट्र के रूप में उभरना है, तो देशवासियों को कुछ चुनौतियों और संसाधनों की कमी के लिए तैयार रहना होगा। विधायक शाक्य ने युद्ध के वैश्विक प्रभावों पर चर्चा करते हुए कहा कि ऐसी स्थितियों में भारत को 'युद्ध के पास भी रहना होगा और दूर भी'। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कूटनीति का बड़ा महत्व है। भारत के रुख को लेकर उन्होंने कहा, जो राष्ट्र हमारा समर्थन कर रहे हैं, हम उनके साथ खड़े हैं, लेकिन जो हमारा समर्थन नहीं कर रहे, हमें उनसे कोई सरोकार नहीं है। युद्ध के कारण ईंधन आपूर्ति पर पड़ने वाले असर का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि भारत को आत्म-निर्भर और मजबूत बनाने के लिए हमें डीजल जैसी वस्तुओं की कमी को सहन करना पड़ सकता है। उन्होंने कश्मीर के पहलगाम का उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस तरह दुर्गम क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा के लिए कई तरह के कष्ट उठाने पड़ते हैं, ठीक उसी तरह राष्ट्रहित में जनता को कुछ त्याग करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए। विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपने संबोधन में इस बात पर बल दिया कि वैश्विक संघर्षों के बीच भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, हमें अगर दुनिया के सामने सबल बनना है, तो कई कठिन बातें और परिस्थितियां सहन करना पड़ेंगी। विधायक के इस बयान को युद्ध के दौरान बढ़ने वाली महंगाई और आर्थिक चुनौतियों के प्रति जनता को सचेत करने के रूप में देखा जा रहा है।