गुना में मौसम का तांडव , धूल भरी आंधी के साथ झमाझम बारिश
70 किमी की रफ्तार से चली हवाओं ने मचाई तबाही , 9 मई तक इसी तरह बना रहेगा मौसम
गुना। अनंत न्यूज़
मानसून की औपचारिक दस्तक से करीब 50 दिन पहले ही गुना जिले के मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे पूरा अंचल भीषण आंधी और बारिश की चपेट में आ गया है। सोमवार शाम शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हुई जोरदार बारिश, कड़कती बिजली और विनाशकारी आंधी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया।
मौसम विभाग ने इस अचानक आए बदलाव का मुख्य कारण सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ को बताया है, जिसका असर गुना सहित पड़ोसी जिलों में भी व्यापक रूप से देखा जा रहा है। सोमवार दोपहर तक जहां लोग तेज गर्मी और उमस से परेशान थे, वहीं शाम करीब 4 बजे अचानक आसमान में काले बादलों ने डेरा डाल दिया। देखते ही देखते बूंदाबांदी शुरू हुई जो कुछ ही पलों में झमाझम बारिश में तब्दील हो गई और पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया। इस प्राकृतिक बदलाव के दौरान मौसम का सबसे रौद्र रूप तेज हवाओं और धूल भरी आंधी के रूप में देखने को मिला। जिले में 50 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली बफीर्ली और तेज हवाओं ने तबाही मचा दी। आंधी इतनी भीषण थी कि शहर के मुख्य बाजारों जैसे हाट रोड, सदर बाजार और लक्ष्मीगंज में खुले आसमान के नीचे व्यापार करने वाले छोटे दुकानदारों को अपना सामान समेटने तक का मौका नहीं मिला। अचानक आई इस आपदा से बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग सिर छुपाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की ओर भागते नजर आए। शाम 5 बजकर 15 मिनट पर बारिश का वेग और अधिक बढ़ गया, जिसके बाद करीब 45 मिनट तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहा। बारिश के साथ ही जिले के कुछ हिस्सों से ओलावृष्टि की खबरें भी सामने आई हैं, जिसने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और शहर के कई इलाके अंधेरे में डूब गए।
नानाखेड़ी मंडी में मची अफरा-तफरी
मौसम के इस बदले मिजाज ने सबसे ज्यादा मुसीबत नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में अपनी फसल बेचने आए किसानों के लिए खड़ी कर दी। मंडी परिसर में खुले में रखी हजारों क्विंटल उपज को भीगने से बचाने के लिए किसान घंटों मशक्कत करते देखे गए। कड़कती बिजली और गरजते बादलों के बीच खुले मैदान में अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पास खड़े किसानों में दहशत का माहौल रहा। अचानक हुई इस बेमौसम बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि जिले में मौसम की यह हलचल 9 मई तक इसी तरह जारी रह सकती है, जो आने वाले दिनों के लिए चिंता का विषय है।
मानसून के लिए अच्छे संकेत नहीं
वहीं, मौसम के जानकारों और अनुभवी बुजुर्गों का मानना है कि मई के शुरूआती सप्ताह में इस तरह की भारी बारिश होना भविष्य के मानसून के लिए शुभ संकेत नहीं है। पूर्व के अनुभवों और मौसम के आंकड़ों के विश्लेषण से यह बात सामने आती रही है कि जब भी मई महीने के प्रारंभ में अत्यधिक बारिश और नमी बढ़ती है, तो आने वाला मुख्य मानसून अपेक्षाकृत कमजोर पड़ जाता है। वर्तमान में जो बारिश राहत दे रही है, वह लंबे समय में कृषि चक्र और मानसूनी हवाओं की गति को प्रभावित कर सकती है। फिलहाल प्रशासन ने आंधी और बारिश से हुए नुकसान का आकलन करना शुरू कर दिया है और लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।