न्यायालय को आश्वासन देकर भी पूरा नहीं कर पाया पीडब्लयूडी विभाग

दो महीने की मोहलत खत्म होते ही सामान समेट ले गए कोर्ट कर्मचारी

न्यायालय को आश्वासन देकर भी पूरा नहीं कर पाया पीडब्लयूडी विभाग
कार्यालय का सामान समेटते कर्मचारी।

गुना। अनंत न्यूज़

एक पूर्व कर्मचारी के वेतन विसंगति और एरियर भुगतान के मामले में न्यायालय के आदेश की अवहेलना करना लोक निर्माण विभाग को भारी पड़ गया। मोहलत बीत जाने के बाद भी करीब 40 लाख रुपए का भुगतान न करने पर बुधवार को न्यायालय की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। प्रथम व्यवहार न्यायाधीश मधुलिका मुले के आदेश पर कोर्ट का अमला पीडब्ल्यूडी दफ्तर पहुंचा और वहां रखी टेबल, कुर्सियां, एसी सहित तमाम सरकारी सामान कुर्क कर लिया। इस औचक कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया।

पूरा मामला पीडब्लयूडी के एक पूर्व कर्मचारी कौशल किशोर राठौर से जुड़ा है, जो विभाग में लोअर डिवीजन क्लर्क के पद पर तैनात थे। उन्हें उचित वेतनमान नहीं मिल रहा था, जिसके विरोध में उन्होंने साल 1995 में विभाग के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू की थी। करीब 31 साल लंबी चली इस लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विभाग ने साल 2013 तक के एरियर का भुगतान तो कर दिया था, लेकिन साल 2014 से लेकर 2025 तक की करीब 36 लाख रुपए की मूल राशि बकाया थी, जो ब्याज सहित अब लगभग 40 लाख रुपए हो चुकी है। इस मामले में जनवरी 2025 में कोर्ट ने आदेश पारित किया था, जिस पर विभाग ने दिसंबर 2025 तक का समय मांगा था। इसके बाद भी भुगतान न होने पर न्यायालय ने 25 फरवरी 2026 को पीडब्ल्यू के सामान की कुर्की के आदेश जारी किए। फरवरी में जब कोर्ट की टीम जब्ती के लिए पहुंची, तो विभागीय अधिकारियों ने 2 महीने का लिखित वचन पत्र देकर और समय मांग लिया था। यह मोहलत 19 मई को खत्म हो गई, लेकिन राशि का भुगतान नहीं हुआ। नतीजा यह हुआ कि 20 मई को न्यायालय की टीम दोबारा दफ्तर पहुंची और जब्ती की कार्रवाई को अंजाम दिया। इधर, पीडब्लयूडी के अधिकारियों का कहना है कि भोपाल मुख्यालय से फंड मिलने पर ही इस राशि का भुगतान किया जा सकेगा।