एसआईआर: मतदाता सूची का हुआ अंतिम प्रकाशन , गुना जिले में बढ़े 16 हजार से अधिक नए मतदाता, युवाओं में भारी उत्साह

एसआईआर: मतदाता सूची का हुआ अंतिम प्रकाशन , गुना जिले में बढ़े 16 हजार से अधिक नए मतदाता, युवाओं में भारी उत्साह
राजनीतिक दलों की मौजूदगी में किया गया मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन

गुना। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण हो गई है। अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर शनिवार, 21 फरवरी को गुना जिले की फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन किया गया। इस पुनरीक्षण कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि जिले में नए मतदाताओं की संख्या में हुआ उल्लेखनीय इजाफा है, जिसमें कुल 16 हजार 934 नवीन नाम मतदाता सूची में जोड़े गए हैं। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी किशोर कुमार कन्याल ने इस अवसर पर मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में उन्होंने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया और आंकड़ों की विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की। कलेक्टर ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत तैयार की गई अंतिम मतदाता सूची की सॉफ्ट कॉपी और हार्ड कॉपी भी सौंपी। इस दौरान उन्होंने सभी दलों से आगामी चुनावों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने में प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया।

 मतदाता आंकड़ों में भारी बढ़ोतरी

जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कन्याल ने आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 8 लाख 97 हजार 396 थी। लेकिन प्रारूप प्रकाशन के बाद प्राप्त हुए आवेदनों और फार्म-6 के माध्यम से हुए पंजीकरण के बाद अब जिले में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 9,09,016 (नौ लाख नौ हजार सोलह) हो गई है। इस बार मतदाता सूची में युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली है। वर्तमान में जिले में 18 से 19 वर्ष की आयु वर्ग के युवा मतदाताओं की संख्या 13 हजार 92 दर्ज की गई है, जो पहली बार लोकतंत्र के महापर्व में अपनी आहुति देंगे। वहीं, समाज के बुजुर्गों का मार्गदर्शन भी सूची में कायम है, जहाँ 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की कुल संख्या 4 हजार 242 है।

 जेंडर रेशियो और ईपी रेशो में सुधार

 प्रशासन द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियानों का असर मतदाता सूची के तकनीकी आंकड़ों पर भी दिखा है। आज प्रकाशित सूची के अनुसार, जिले का ईपी रेशो 57.54 प्रतिशत है, जबकि जेंडर रेशियो (लिंगानुपात) 914.34 दर्ज किया गया है। बैठक में उन मतदान केंद्रों की भी विशेष जानकारी दी गई जहाँ मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक है। इन केंद्रों पर भविष्य में बेहतर प्रबंधन के लिए विधानसभा क्षेत्रवार चर्चा की गई।

 1224 केंद्रों पर हुआ सूची का वाचन

अंतिम प्रकाशन के दिन जिले के सभी 1224 मतदान केंद्रों पर उत्सव जैसा माहौल रहा। यहाँ बीएलओ (बूथ लेवल आॅफिसर) द्वारा संबंधित क्षेत्र की मतदाता सूची का सार्वजनिक वाचन किया गया, ताकि नागरिक अपने और अपने परिवार के नाम की पुष्टि कर सकें। संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने अपनी देखरेख में इस अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया।

 सुझावों पर होगा अमल

 बैठक के दौरान विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मतदाता सूची और मतदान केंद्रों को लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। कलेक्टर श्री कन्याल ने आश्वासन दिया कि इन सुझावों को संकलित कर भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा ताकि चुनावी प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाया जा सके। बैठक में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अखिलेश जैन, इलेक्शन सुपरवाइजर श्री विजय माथुर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आॅनलाइन और आॅफलाइन उपलब्ध है सूची आम नागरिकों की सुविधा के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अंतिम निर्वाचक नामावली को संबंधित मतदान केंद्रों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय में भौतिक रूप से देखा जा सकता है। इसके अलावा, डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए यह सूची आॅनलाइन पोर्टल पर भी अपलोड कर दी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपना नाम सूची में अवश्य जांच लें ताकि मतदान के समय उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।