बंधक श्रमिक परिवार के 6 सदस्य मुक्त, 30-30 हजार की आर्थिक सहायता

बंधक श्रमिक परिवार के 6 सदस्य मुक्त, 30-30 हजार की आर्थिक सहायता

अनंत न्यूज़ @गुना। जिला प्रशासन और श्रम विभाग की एक संयुक्त छापामार कार्रवाई में ग्राम सोठी निवासी एक परिवार को बंधक श्रम की अमानवीय स्थिति से सफलतापूर्वक मुक्त करा लिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरनाम सहरिया, उनकी पत्नी उर्मिला और उनके चार मासूम बच्चों को ग्राम आचकलपुर में पिछले लगभग 8 महीनों से बंधक बनाकर रखा गया था और उनसे जबरन कार्य कराया जा रहा था। इस गंभीर मामले की शिकायत मिलते ही कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने संज्ञान लिया और तत्काल कार्रवाई के आदेश जारी किए।
कलेक्टर के निर्देश पर जिला श्रम अधिकारी आशीष तिवारी के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसने आचकलपुर में दबिश देकर पीड़ित परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। जांच में पाया गया कि परिवार को उनकी इच्छा के विरुद्ध बंधक बनाकर रखा गया था, जो श्रम नियमों और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर कन्याल ने संबंधित आरोपी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की अमानवीय प्रथाओं पर अंकुश लगाया जा सके। प्रशासन ने न केवल श्रमिकों को मुक्त कराया, बल्कि उनके तत्काल भरण-पोषण और राहत के लिए भी कदम उठाए हैं। मुक्त कराए गए श्रमिकों को शासन की योजना के तहत 30-30 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके साथ ही श्रम पदाधिकारी आशीष कुमार तिवारी को निर्देशित किया गया है कि वे इन मुक्त श्रमिकों के पूर्ण पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन जी सकें। जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से कड़ा संदेश दिया है कि जिले में बंधक श्रम जैसी कुप्रथाओं के लिए कोई स्थान नहीं है और ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मानव अधिकारों के संरक्षण के लिए इस प्रकार की कठोर और दंडात्मक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।