बीस भुजा देवी मंदिर का 'खुशियों वाला झूला' बना काल
10 वर्षीय आशुतोष की मौत, मां की उजड़ी गोद
अनंत न्यूज़ @गुना। जिले के सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल और आस्था के केंद्र बजरंगगढ़ स्थित बीस भुजा देवी मंदिर में लगा मेला एक परिवार के लिए ताउम्र का मातम बन गया है। मेले में लगे मिकी माउस झूले से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए 10 वर्षीय मासूम आशुतोष शर्मा ने जिंदगी और मौत के बीच 8 दिनों तक चली जंग के बाद 30 मार्च को दम तोड़ दिया। इस खबर के बाद गुना ही नहीं बल्कि पड़ोसी जिला अशोकनगर में भी शोक की लहर दौड़ गई है और हर आंख नम है।
दरअसल, घटना 22 मार्च की सुबह लगभग 10 बजे की है, जब चैत्र नवरात्रि और मेले के उल्लास के बीच पड़ोसी जिला अशोकनगर के शाढ़ौरा निवासी 10 वर्षीय बालक आशुतोष मिकी माउस झूले पर खेल रहा था। अचानक तेज हवा चली और संतुलन बिगड़ने से आशुतोष झूले से नीचे गिर गया। गंभीर चोट आने के बाद आनन-फानन में उसे गुना जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए तत्काल भोपाल रेफर कर दिया। भोपाल में विशेषज्ञों की निगरानी में चले लंबे उपचार और तमाम कोशिशों के बावजूद, विधाता को कुछ और ही मंजूर था। भोपाल के एक अस्पताल में सोमवार, 30 मार्च को आशुतोष ने अंतिम सांस ली। बता दें कि यह हादसा केवल एक मासूम की मौत नहीं, बल्कि एक मां के पूरे संसार के उजड़ने की दास्तां है। जानकारी के अनुसार, आशुतोष अपनी मां का इकलौता सहारा था। नियति की क्रूरता देखिए कि आशुतोष की मां पहले ही अपने पति और बेटी को खो चुकी थीं। दो बड़े आघात सहने के बाद आशुतोष ही उनके जीने की एकमात्र उम्मीद था, लेकिन इस हादसे ने उनकी गोद पूरी तरह सूनी कर दी है। इस दर्दनाक घटना ने मेलों में लगने वाले झूलों और बच्चों के मनोरंजन संसाधनों की सुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि क्या मिकी माउस जैसे झूलों पर सुरक्षा के पर्याप्त मापदंड अपनाए गए थे या नहीं। मासूम आशुतोष की मौत ने प्रशासन को भी झकझोर कर रख दिया है। लोग अब मासूम की आत्मा की शांति और पीड़ित मां को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना कर रहे हैं।