भदौरा के जंगल में मिली अधेड़ की सिर कटी लाश: मृतक के शव को ले जाने एंबुलेंस नहीं दे पाया प्रशासन, सीबीआई जांच की मांग लेकर परिजनों ने किया चक्काजाम

भदौरा के जंगल में मिली अधेड़ की सिर कटी लाश: मृतक के शव को ले जाने एंबुलेंस नहीं दे पाया प्रशासन, सीबीआई जांच की मांग लेकर परिजनों ने किया चक्काजाम

अनंत न्यूज़ @ गुना। म्याना थाना क्षेत्र अंतर्गत भदौरा गांव के जंगलों में बुधवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक युवक का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से युवक की गर्दन काटकर शरीर से अलग कर दी है।
जानकारी सामने आई है कि भदौरा गांव निवासी रतिराम कुशवाह (50) मंगलवार को अपनी गायों को चराने के लिए पास के जंगल में गया था। जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। बुधवार सुबह जब परिजन और ग्रामीण फिर से तलाश करने निकले, तो जंगल में भदौरा-नेतलपुर मार्ग पर गौशाला के पास रतिराम का रक्तरंजित शव मिला। हत्या इतनी बेरहमी से की गई कि युवक का सिर धड़ से पूरी तरह अलग मिला है। शुरूआती पड़ताल में मृतक का नाम रतिराम कुशवाह बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस अभी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि और शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी कर रही है। सूचना मिलते ही म्याना थाना पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाए जाने की संभावना है। पुलिस ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है ताकि हत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। नृशंस हत्याकांड के बाद से पूरे भदौरा गांव और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

हत्या के बाद संवेदनहीनता और हंगामा


भदौरा सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड के बाद अस्पताल प्रबंधन ने रतिराम का शव उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। हालांकि परिजनों का आरोप है कि उन्हें अस्पताल प्रशासन की ओर से एंबुलेंस नहीं दी गई। जिसके बाद वे शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में लेकर म्याना की ओर जा रहे थे। इसी दौरान आक्रोशवश रतिराम के परिजनों ने हनुमान चौराहे पर सीबीआई जांच की मांग करते हुए चक्काजाम कर दिया। जिस ट्रैक्टर में रतिराम का शव रखा हुआ था, उसे रास्ते के बीचों-बीच लगा दिया, ताकि आवागमन बाधित हो जाए। काफी देर तक दोनों ओर के वाहन यहां से वहां नहीं निकल सके। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और रतिराम के परिजनों को समझाइश दी। पुलिस ने माना है कि रतिराम की नृशंस हत्या हुई है। फिलहाल केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही हत्यारों को तलाश कर लिया जाएगा। चक्काजाम के दौरान रतिराम की बेटी और अन्य परिजन मार्मिक विलाप करते नजर आए। जिसे देखकर आवागमन में परेशानी होने के बावजूद रहागीरों ने परिवार से हमदर्दी दिखाई।

संदेह किसी पर नहीं


हैरानी की बात यह है कि रतिराम की क्रूरता के साथ हत्या की गई है। लेकिन परिजनों का दावा है कि उन्हें किसी पर संदेह नहीं है। इसलिए इस मामले की जांच सीबीआई से कराया जाना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। बताया जा रहा है कि रतिराम रोजाना इसी जंगल में मवेशी चराने के लिए जाते थे और रोजाना देर शाम से पहले घर आ जाते थे। लेकिन मंगलवार को जब वह वापस नहीं लौटे तो उनके परिजनों ने जमकर तलाश की थी। बुधवार सुबह भी रतिराम को तलाश किया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। वहीं एंबुलेंस नहीं मिलने को लेकर प्रशासन की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।