शिक्षा के मंदिरों में अव्यवस्थाओं पर पनपा आक्रोश

एबीवीपी का आरोप-निजी स्कूलों ने सूची मुहैया नहीं कराई, इसलिए नहीं लग पाया पुस्तक मेला

शिक्षा के मंदिरों में अव्यवस्थाओं पर पनपा आक्रोश
शिक्षा विभाग में ज्ञापन देते एबीवीपी के पदाधिकारी।

अनंत न्यूज़ @गुना। जिले के निजी और सरकारी स्कूल और छात्रावासों के हाल बेहाल हैं। छात्र समय-समय पर प्रबंधन और शिक्षा विभाग को अव्यवस्थाओं से अवगत करा रहे हैं, लेकिन धरातल पर हालात नहीं बदल रहे हैं। मंगलवार को भी गुना में शिक्षा व्यवस्था के बिगड़ते हालात छात्रों ने उजागर किए। एबीवीपी शिक्षा विभाग पहुंच गया और निजी व स्कूलों की अव्यवस्थाओं की पोल खोल दी। तो एक शासकीय हॉस्टल के छात्रों ने बताया कि कैसे प्रशासनिक अमला उन्हें परेशान कर रहा है।

जिले के शैक्षणिक संस्थानों में बढ़ती अनियमितताओं और शिक्षा के व्यवसायीकरण के विरोध में मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जिला शिक्षा अधिकारी के नाम एक 5 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि एक माह के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। एबीवीपी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में शिक्षा का पूरी तरह से व्यापारीकरण हो चुका है। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद निजी स्कूलों ने दिसंबर तक अपनी पाठ्यपुस्तकों की सूची डीईओ कार्यालय में जमा नहीं की। इस लापरवाही के कारण जिले में पुस्तक मेलों का आयोजन नहीं हो सका, जिसका सीधा फायदा निजी स्कूल और चुनिंदा पुस्तक विक्रेता उठा रहे हैं। अभिभावकों को ऊंचे दामों पर निर्धारित दुकानों से ही कोर्स खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ज्ञापन में स्कूलों के भीतर छात्रों के साथ होने वाली सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों के दौरान द्वेषपूर्ण कार्रवाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। संगठन ने मांग की है कि स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। विशेष रूप से आगजनी, मधुमक्खी के हमले या अन्य आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए स्कूलों में नियमित रूप से मॉक ड्रिल आयोजित की जानी चाहिए।

न बिल्डिंग, न प्रयोगशाला

विद्यार्थी परिषद ने जिले के शासकीय और निजी स्कूलों की जर्जर इमारतों की ओर भी प्रशासन का ध्यान खींचा है। मांग की गई है कि ऐसी इमारतों की तत्काल मरम्मत कराई जाए या उनका पुनर्निर्माण हो। साथ ही, स्कूलों में विज्ञान विषयों की प्रयोगशालाएं सुनिश्चित करने और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति अनिवार्य करने की मांग भी रखी गई है। शिक्षा विभाग की ओर से ज्ञापन लेने पहुंचे एस.के. शिवहरे ने एबीवीपी के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया है कि वे इन सभी बिंदुओं पर जिला शिक्षा अधिकारी से चर्चा करेंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि एक महीने के भीतर इन समस्याओं के निराकरण हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

छात्रावास के बीच से नाली निर्माण का विरोध,

शहर के आकाशवाणी केंद्र के पास स्थित पीएमएस आवास छात्रावास के छात्रों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्रावास परिसर के भीतर से नाली निर्माण किए जाने के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और जनसुनवाई में अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। छात्रों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन छात्रावास की जमीन के बिल्कुल बीचों-बीच नाली का निर्माण करा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि छात्रावास परिसर के अंदर नाली बनाई जाती है, तो इससे भविष्य में कई गंभीर समस्याएं पैदा होंगी। नाली के कारण परिसर में गंदगी रहेगी और मच्छरों के पनपने से डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाएगा, जो वहां रह रहे छात्रों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा जोखिम है। जनसुनवाई में पहुंचे छात्रों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए। छात्रों का कहना है कि जो नगर पालिका अपने खुद के कार्यालय की सही ढंग से देख-रेख नहीं कर पा रही है, वह छात्रावास के बीच बनने वाली नाली की सफाई और रखरखाव की गारंटी कैसे दे सकती है? छात्रों ने आरोप लगाया कि बिना दूरदर्शिता के किए जा रहे इस निर्माण से छात्रावास का शैक्षणिक माहौल और स्वच्छता पूरी तरह खराब हो जाएगी। छात्रों ने बताया कि स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के कारण उन्हें सामूहिक रूप से कलेक्टर के पास आना पड़ा है। ज्ञापन के माध्यम से छात्रों ने मांग की है कि नाली के इस निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए या इसका मार्ग परिवर्तित किया जाए ताकि छात्रावास की जमीन और छात्रों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।