गुनिया के आसपास 30 मीटर तक नहीं मिलेगी भवन निर्माण की अनुमति
अनंत न्यूज़ @गुना। गुनिया नदी के सौंदर्यीकरण और गहरीकरण अभियान को जन-जन से जोड़ने के लिए रविवार को जिला प्रशासन ने अनोखी पहल की है। गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने नदी के स्वच्छता अभियान की औपचारिक शुरुआत की और समाजसेवी संगठनों व गुनिया नदी के जीर्णोद्वार से जुड़ी सभी समितियों की मौजूदगी में गुनिया नदी की आरती कर अभियान का शुभारंभ कर दिया है। नदी को बचाने के लिए कलेक्टर ने दो टूक कहा है कि अब गुनिया नदी के उच्चतर बहाव स्तर से 30 मीटर की परिधि में किसी को भी भवन या बिल्डिंग बनाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
इससे पहले कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल की अगुवाई में रविवार सुबह गुना जिले के नागरिक, गुनिया नदी का जीर्णोद्वार कार्य देखने वाली तकनीकी, श्रमदान और वित्तीय समितियों के सदस्य उद्गम स्थल गोपालपुरा पर एकत्रित हुए। सभी ने नदियों को पूज्यनीय मानने की परम्परा का निर्वाहन किया और कथा वाचक पं. लखन शास्त्री के मार्गदर्शन में गुनिया माता की आरती की गई। कलेक्टर ने स्वयं दीपक का पात्र लेकर गुनिया की आरती उतारी। उन्होंने लोगों से आव्हान किया कि नदी को सम्मान तभी मिलेगा, जब पूरा शहर इसके अस्तित्व की रक्षा करेगा। कलेक्टर ने बताया कि गुनिया नदी के जीर्णोद्वार, स्वच्छता अभियान को कम से कम दो महीने की अवधि के लिए संचालित किया जाएगा। कलेक्टर कन्याल ने कहा कि गुनिया नदी के संरक्षण हेतु प्रशासन,नागरिक एवं समाज मिलकर कार्य कर रहे हैं। अभियान में लगने वाली राशि एवं अन्य संसाधन भी प्रशासन और आमजन के सहयोग से जुटाए जा रहे हैं, जो जनभागीदारी की उत्तम मिसाल है। श्रमदान के अवसर पर कलेक्टर श्री कन्याल ने उपस्थितजनों को नदी संरक्षण की शपथ दिलाई और कहा कि गुनिया नदी का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जिलेवासियों से इस अभियान में अधिकाधिक सहयोग की अपील की। इस मौके पर एसडीएम शिवानी पाण्डेय, प्रभारी सीएमओ मंजूषा खत्री, तहसीलदार जीएस बैरवा सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
सरकार को भेजा जाएगा सौंदर्यीकरण का प्लान
कलेक्टर ने बताया कि आने वाले दिनों में टीमों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि गुनिया नदी का जीर्णोद्वार जल्द से जल्द बिना रुकावट के पूरा किया जा सके। इसके बाद जिला प्रशासन गुनिया नदी के सौंदर्यीकरण का प्लान भेजेगा। प्रयास किया जाएगा कि गुना की गुनिया नदी के जीर्णोद्वार और सौंदर्यीकरण को नमामि गंगे अभियान से भी जोड़ा जाए। हालांकि इससे पहले जिला प्रशासन को गुनिया नदी के गहरीकरण और खासकर इसके आसपास बने पक्के अतिक्रमण हटाने की चुनौती है, जिसके लिए जिला प्रशासन पूरी क्षमता के साथ जुटा हुआ है। कलेक्टर ने शहरवासियों, खासकर गुनिया के आसपास बसे लोगों से सहयोग की अपील की है।
पहले महीने श्रमदान और जनभागीदारी, फिर होगी सख्ती
इस समय गुनिया नदी के चौड़ीकरण और गहरीकरण की शुरुआत हो चुकी है। जिला प्रशासन ने लगभग 2 महीनों का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक अभी उन अतिक्रमण और पक्के निर्माण को हटाया जाएगा, जिनके लिए लोग स्वयं सहयोग करेंगे। अगर फिर भी गुनिया के सौंदर्यीकरण में कोई बाधा बनता है तो प्रशासन दूसरे महीने में सख्ती बरतेगी। वैधानिक मामलों से निबटने के लिए एनजीटी का आदेश प्रशासन की कार्रवाई में ढाल बनेगा।
जल्द ही आएंगे सिंधिया, करेंगे श्रमदान
गुनिया नदी का जीर्णोद्वार करने शुरु की गई मुहिम से केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी सहभागी बनने जा रहा है। 24 अगस्त को गुना दौरे पर सिंधिया ने कहा था कि वे भी कम से कम 2 घंटे गुनिया नदी पर श्रमदान करेंगे। सिंधिया का दौरा जल्द ही आने की संभावना है, जिससे अभियान को और गति मिलेगी।





